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How To Join RSS for the Hindu Nation

Join RSS for the Hindu Nation

Joining RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh ) means becoming a "Swayam Sevak" for the nation and your society. There are no formalities for Join RSS.

Becoming a "Swayam Sevak" means visiting the nearest "Rashtriya Swayamsevak Sangh" shakha. Your first day at any shakha is the procedure to join RSS.

There is no formal procedure of joining "Rashtriya Swayamsevak Sangh". You can visit any nearest shakhas. They hold morning or evening “Shakhas”, you can go and start following the rules in shakhas and join the RSS there. You just have to go to your nearby park where Shakha is held and tell Shakha Sichak  ( Teacher ) who is conducting the Shakha to join them. You just have to bow your head in front of the “Bhagwa Dwaj” and just be part of the Rashtriya Swayam Sevak Sangh. Alternatively, you can go to the RSS website and they have a section called “Join RSS”.

Join RSS on RSS Website

http://rss.org/pages/joinrssnonind.aspx

Once you send your request online with your contact details, your nearest "Rashtriya Swayamsevak Sangh" Shakha Sichak or Pracharak will get in touch with you.

If you are not getting a response from RSS Shakha Sichak or Pracharak for some reason please not to worry you can comment on the page with a number we will contact you.

Concern Person will get in touch with you by mail or by a call.

You can join RSS either by going to Sangh karyalaya in your city.

RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) Karyalaya is in a major city

Application form in RSS website

Join RSS  

Rashtriya Swayamsevak Sangh's is now expanding globally.RSS claimed that 8000 Plus youths in the country from all over India are joining sanghas, new member, every month.

surprising growth in new membership was evident with Motivational Quotes. Fresh figures are a clear hint of how the youth are attracted to the Sangh,

RSS said that with the creation of 10500 new Shakhas in the past one decade the total number of Shakhas of RSS in the country had reached 50,400 and 91% Shakhas has Swayamsevaks of below 40 years in age. The same reasons are sufficient to make the RSS a youth organization. Sangh that sangh's swayamsevak have reached 90% tehsils of the country and 60% of the works of RSS are going in rural belts.

Everything About RSS

आज हम बात करेगे दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संस्थान, RSS (Rashtriya Swayamsevek Sangh) की. कोई कहता है कि ये तो सिर्फ हिंदुओं का संघ है कोई कहता है कि ये मुस्लिमों के खिलाफ है और कुछ तो ये भी कह देते है कि ये भारत के ही खिलाफ है। आज हम आपको आरएसएस के बारे में डिटेल से फैक्ट्स के माध्यम से बताने जा रहे है.

1. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जो 2025 तक 100 साल का हो जाएगा, कि स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने दशहरे के दिन की थी।

2. RSS का मुख्यालय नागपुर, महाराष्ट्र में है। आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत जी है जो ब्राह्मण जाति से संबंध रखते है। मोहन भागवत भारत के उन थोड़े से लोगो में से है जिन्हें Z+ सुरक्षा दी गई है।

3. 30 जनवरी, 1948 को बिड़ला भवन, दिल्ली में शाम 5 बजकर 10 मिनट पर नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या की थी। हत्या के बाद RSS का नाम उछाला गया। कहा गया कि गोडसे RSS का ही सदस्य है जबकि गोडसे ने RSS को सन् 1930 में ही छोड़ दिया था। इसी समय पूरी दुनिया को पता चला की भारत में कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नाम का कोई संगठन भी है। उसी समय देश के गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने RSS पर बैन लगा दिया। नेहरू चाहते थे कि RSS को हमेशा के लिए बैन कर दिया जाए, लेकिन सबूतों के अभावों में सरदार पटेल ने ऐसा करने से मना कर दिया और जुलाई 1949 में RSS से बैन हटा लिया गया।

4. आरएसएस की पहली शाखा में सिर्फ 5 लोग(संघी) शामिल हुए थे लेकिन आज देशभर में आरएसएस की 60,000 से ज्यादा शाखाएँ है और एक शाखा में लगभग 100 स्वयंसेवक है। आज के समय में आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्थान है।

5. RSS में महिलाएँ नही है, क्योकिं ये allowed ही नही है। महिलाओं के लिए राष्ट्र सेविका समिती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और राष्ट्र सेविका समिति दोनों अलग-अलग है लेकिन दोनो के विचार एक है। कई लोगो को ये गलतफहमी हो जाती है कि Sevika Smiti भी RSS का ही भाग है लेकिन ऐसा नही है।

6. आरएसएस की क्लास शाखा के रूप में लगती है। सुबह लगने वाली शाखा को प्रभात शाखा कहते है। शाम को लगने वाली शाखा को सायं शाखा कहते है। सप्ताह में एक या दो बार लगने वाली शाखा को मिलन शाखा कहते है। महीने में एक या दो बार लगने वाली शाखा को संघ मंडली कहते है।

7. आरएसएस की शाखाओं में शाखा के अंत में एक प्रार्थना गाई जाती है नमस्ते सदा वत्सले यह संघ की स्थापना के 15 साल बाद गाई जाने लगी। इससे पहले एक श्लोक मराठी और एक श्लोक हिंदी में गाया जाता था।

8. RSS देश के लिए काम करता रहा है लेकिन इस पर आरोप भी लगते रहे है। आरएसएस ने 1962 में भारत-चीन के युद्ध में सरकार का पूरा साथ दिया था। इसी से खुश होकर नेहरू ने 1963 की गणतंत्र दिवस प्रेड में RSS को शामिल होने का न्योता दिया था। RSS, बाढ़ और प्राकृतिक आपदा आदि में भी देश-विदेश के लिए काम करता रहा है।

9. RSS के सदस्य किसी भी पद पर चले जाए, ज्यादातर काम खुद ही करते है जैसे: कपड़े धोना, भोजन बनाना आदि। और अपने से बड़े पदाधिकारी के प्रति बहुत ही आज्ञाकारी होते है।

10. RSS के प्रचारक को संघ के लिए काम करते समय तक अविवाहित रहना होता है। और दूसरे होते है संघ के विस्तारक, जो गृहस्थ जीवन में रहकर ही संघ से किशोरों को जोड़ने का काम करते है।

11. संघ का प्रचारक बनने के लिए किसी भी स्वयंसेवक को 3 साल तक OTC यानि ऑफिसर ट्रेनिंग कैंप में भाग लेना होता है। और शाखा प्रमुख बनने के लिए 7 से 15 दिन तक ITC यानि इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग कैंप में भाग लेना होता है।

12. ऐसा नही है कि RSS में सिर्फ हिंदू ही है, आपकी जानकारी के लिए बता दे कि RSS में मुस्लिम भी है। सन् 2002 से RSS एक Muslim Rashtriya Manch नाम की विंग चलाती है। जिसमें लगभग 10,000 मुस्लिम है।

13. BJP के बड़े नेता जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी संघ के प्रचारक रह चुके है।

14. RSS का अपना अलग झंडा है, भगवा रंग का। सभी शाखाओं में यही झंडा फहराया जाता है। आरएसएस किसी आदमी को नही बल्कि भगवा ध्वज को ही अपना गुरू मानती है।

15. आरएसएस की ड्रेस में काली टोपी, सफेद शर्ट, कपड़े की बेल्ट, खाकी निक्कर, चमड़े के जूते है। अब खाकी निकर की जगह पूरी पैंट कर दी गई है।

16. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिर्फ भारत में ही नही बल्कि दुनिया के 40 देशो में है। विदेश में संघ की पहली शाखा मोंबासा, केन्या में लगी थी।

Benefits of joining RSS

1. You will be much focused than earlier after visiting shakha.

2. You will be aware of our true Indian culture and Hinduism.

3. All kind of leaders who belongs to different political parties will start noticing you.

4. You will be self-motivated and will feel an enthusiasm for the country.

5. You will be trained to protect yourself as well as to secure other peoples.

6. You will have a good network of peoples who might be helpful for you in different fields.

7. Gradually, You will be turned into a Patriot.

8. You will have true and nice thoughts.

9. The country first will always be on your mind.

10. You will not feel any kind of castism.

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